इस फिल्म की कोई ज्यादा हाइप नहीं बनी, लेकिन सवाल ये है कि क्या ये फिल्म वाकई हाइप डिज़र्व करती है? चलिए, इस पर थोड़ा डिटेल में बात करते हैं।
कहानी
"टेस्ट" तीन मुख्य किरदारों की कहानी है:
- अर्जुन (सिद्धार्थ): एक क्रिकेटर, जिसके लिए क्रिकेट ही जीवन है। उसे भारत-पाकिस्तान के एक महत्वपूर्ण टेस्ट मैच को जीतना है।
- सर्वानंद (आर माधवन): एक वैज्ञानिक, जो अपने हाइड्रोफ्यूल इंजन के आविष्कार को दुनिया के सामने लाना चाहता है। दुनिया उसे एक हारा हुआ इंसान मानती है, और उसे अपने आविष्कार के लिए पैसों की सख्त जरूरत है।
- कुमुदा (नयनतारा): इन दोनों किरदारों को जोड़ने वाली कड़ी है। वह मां बनने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसे कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, जिनके इलाज के लिए उसे पैसों की आवश्यकता है।
कहानी में दिखाया गया है कि कैसे इन तीनों किरदारों के जीवन एक महत्वपूर्ण टेस्ट मैच के दौरान आपस में जुड़ते हैं। क्या सर्वानंद हारे हुए इंसान का तमगा हटा पाएगा? क्या अर्जुन मैच जीत पाएगा? और क्या कुमुदा मां बन पाएगी? इन सवालों के जवाब आपको फिल्म देखकर ही मिलेंगे।
समीक्षा
- फिल्म की कहानी दिलचस्प है और दर्शकों को बांधे रखती है। इसमें क्रिकेट, विज्ञान और व्यक्तिगत संघर्षों का मिश्रण है।
- आर माधवन का अभिनय शानदार है। उन्होंने अपने किरदार को पूरी तरह से जीवंत कर दिया है। नयनतारा और सिद्धार्थ ने भी अच्छा काम किया है।
- फिल्म शुरू में धीमी गति से चलती है, लेकिन दूसरे भाग में यह काफी रोमांचक हो जाती है।
- फिल्म में पारिवारिक भावनाएं, पिता-पुत्र का बंधन, देश के लिए खेलने का जज्बा और एक हारे हुए इंसान के अंदर की भावनाएं दिखाई गई हैं।
- यह फिल्म एक गंभीर प्रकार की है, इसलिए अधिक मसाला मनोरंजन की अपेक्षा न करें।
- यह फिल्म उन लोगों के लिए खास तौर पर अच्छी है, जिन्हें गंभीर और भावनात्मक फिल्में पसंद हैं।
अतिरिक्त जानकारी
- फिल्म में कोई अनावश्यक गाने या रोमांटिक दृश्य नहीं हैं।
- फिल्म में कुछ छुटपुट गालियां हैं, लेकिन कोई अश्लील दृश्य नहीं हैं, इसलिए इसे परिवार के साथ देखा जा सकता है।
रेटिंग
मेरी तरफ से इस फिल्म को 3.5/5 स्टार।
निष्कर्ष
"टेस्ट" एक अच्छी फिल्म है जो आपको बांधे रखेगी। आर माधवन का अभिनय इस फिल्म का मुख्य आकर्षण है। यदि आप एक गंभीर और भावनात्मक फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है।

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